संचार के प्रमुख कार्य - प्रत्येक प्रकार के संचार का एक निश्चित उद्देश्य होता हैजिसमे भावनाओ, इच्छाओ आदि का पारस्परिक आदान-प्रदान होता है। इस प्रक्रिया के निम्लिखित उद्देश्य होते है
- संचार प्रक्रिया द्वारा व्यक्ति स्वयं अपनी भावनाओ, विचारो आदि के विषय मैं जानने और उसे जांचने का प्रयास करता है। तथा वह दूसरों के भी विचारों और भावनाओ के बारे मैं जान सकता है।
- स्वयं के विषय मैं दूसरों की प्रतिक्रियाओं को जानकर व्यक्ति अपनी पहचान बनाने का प्रयास करता है। इससे उसे अपनी छवि पर चिंतन मनन करने तथा स्वयं को बेहतर तरीके से समझने का अवसर प्राप्त होता है। इस प्रकार संचार व्यक्ति की वृद्धि एवं विकास मैं सहायक होता है।
- संचार द्वारा दो या दो से अधिक व्यक्तिओ के बीच सूचनाओं का आदान - प्रदान होता है जिससे उसके मन मैं एक - दूसरे के प्रति कल्याण की भावना विकसित होती है तथा सामाजिक समरसता का मार्ग खुल जाता है।
- संचार व्यक्तिगत संतुष्टि तथा पारस्परिक सौहार्द की भावना को विकसित कर सामाजिक सम्बन्धो की नीव डालता है।
- संचार सूचनाओं की भागीदारी, विचारो के आदान - प्रदान फलस्वरूप निर्णय लेने, चिंतन आदि क्षमताओं के विकास मैं महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संचार की प्रक्रिया - संचार एक आवश्यक मानवीय प्रक्रिया है जिसकी सहायता से मनुष्य अपने भावों , विचारों आदि को परस्पर सम्प्रेषित करता है। इस प्रक्रिया द्वारा अर्थ को समझा जाता है।
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