संचार के घटक / तत्व - संचार मैं कुल ७ घटक होते है।
- सन्देश स्त्रोत - सन्देश की पहल एक स्त्रोत से आरम्भ होती है। यह स्त्रोत किसी व्यक्ति की आंतरिक इच्छा पर निर्भर करता है जो कि सन्देश भेजना चाहता है। यह जरूरी नहीं है कि सन्देश भेजने वाला व्यक्ति ही स्त्रोत हो।
- सन्देश - किसी व्यक्ति की बात, विचार अथवा अभिव्यक्ति ही सन्देश होता है जिसे संचार स्त्रोत द्वारा भेजा जाता है। कोई भी सन्देश लिखित, अलिखित, मौखिक अथवा अमौखिक दोनों ही तरह का हो सकता है।
- कूट संकेतन - आप अपने विचारो एवं भावनाओ को शब्दों, हाव - भावो या मुखाकृति के माध्यम से भी व्यक्त कर सकते है। मान लो की कोई लेखक अपने विचारो को पुस्तक के माध्यम से छात्रों तक संचरित करना चाहता है तो इसमें लेखक का ज्ञान, लेखन - कौशल, उसकी मनोवृत्ति आदि छात्रों अथवा पाठको तक सन्देश को प्रेषित करने मैं अहम भूमिका निभाते है।
- माध्यम या चैनल - संदेश सम्प्रेषण मैं माध्यम सबसे अधिक महत्वपूर्ण होता है जिसका निर्धारण स्त्रोत द्वारा किया जाता है। यह औपचारिक अथवा अनौपचारिक दोनों मैं से किसी भी तरह का हो सकता है। अनौपचारिक चैनल का उपयोग व्यक्तिगत अथवा सामाजिक स्तर जबकि औपचारिक चैनल का उपयोग स्कूल , संगठन , अथवा प्रतिष्ठान मैं किया जाता है।
- विसंकेतन - जब हम कोई सन्देश किसी व्यक्ति को प्रेषित करते है तब वह सांकेतिक भाषा मैं होता है इसलिए प्राप्तकर्ता तक सन्देश भेजने से पहले उसे विसंकेत किया जाता है जिससे की वह उसे समझ सके।
- प्राप्तकर्ता - जो व्यक्ति संदेशो को प्राप्त करता है उसे प्राप्तकर्ता या ग्राहक कहते है।
- फीडबैक - सन्देश प्रक्रिया का अंतिम घटक फीडबैक होता है। इसका तात्पर्य सन्देश को प्राप्त करने वाले व्यक्ति की प्रतिक्रिया से है। For Example जब कोई नेता भाषण देता है तो श्रोतागण ताली बजाकर उसे अपना फीडबैक देते है , जिससे नेता को यह पता चल जाता है की श्रोता उसकी बातों से सहमत है कि नहीं।
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